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बुधवार, 31 दिसंबर 2014

इन्तेजार

बड़े बेसब्र हुए जा रहे है 
हम तो तेरे इन्तेजार में 
बाट जोहते नैन हमारे 
थक गए तेरे आस में। 

सोमवार, 24 नवंबर 2014

इन्तेजार

कर रहे 
कब से खड़े 
हम इन्तेजार 
अब बस का 
ना कोई बस ही आती है 
ना उसकी खबर 
जाने कितना लम्बा होगा 
आज इन्तेजार इस बस का

सोमवार, 12 मई 2014

इन्तेजार

कब से खड़े है हम राह में तेरे 
ए 'बस' अब आ और मुझे ले चल 
इन्तेजार की घड़ियाँ अब लम्बी हो चली 
खत्म होना तो जैसे भूल ही गयी है 
सब आते है सब जाते है 
पर तुम ना आते हो ना जाते हो 
क्यूँ तुम अक्सर खफा रहते हो 
जो मेरे आने पर नदारद रहते हो