चल रहा था जंग,
आज फैसला हो गया,
हम जीत गए,
और मैं हार गया।
यूँ तो दर्द बहुत उट्ठा था,
मेरे सीने में,
हमारी जीत की खुशी में,
दर्द फिर से हार गया।
दिल रोता था आज मेरा,
तन्हा अकेले में,
साथियों के साथ ने,
फिर रोना भुला दिया।
--सुमन्त
मेरे ख्यालों के कुछ रंग मेरे भावो की अभिव्यक्ति है। जीवन में घटित होने वाली घटनायें कभी कभी प्रेरणा स्रोत का काम कर जाती है । यही प्रेरणा शब्दों के माध्यम से प्रस्फुटित होती है जिसे मैंने कविता के रूप सजाने का प्रयास किया है । आनंद लिजिये।
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सोमवार, 16 जुलाई 2018
मैं
सोमवार, 12 मई 2014
मै और हम
मैं और तुम
गर
हम हो जाते
हर मंजिल
हासिल कर पाते
मै और हम में
मै अकेला रहता हु
हम साथ साथ हो जाते है
फिर हर बाधा
हर मुश्किल से
हम एक साथ टकराते है
कुछ तुम काटो
कुछ हम काटे
मंजिल साथ में पाते है
मै एक अकेला
जब थक हार कर
निराश होने को होता
तुम आगे आकर के तब
मै की मुश्किल करते हल
मै एक राह में उलझा रहता
तुम भी एक नया राह दिखाते
हम एक और एक ग्यारह होते
हर मुश्किल से पार हम पाते
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