सोने लगा हूँ
आजकल मै किश्तो में,
रात में घर पर,
आफिस आते जाते कैब में।
कौन कहता है कि
काफी पीने से नींद नहीं आती,
मेरे लिए तो ये है
बेहिसाब सोने की गारंटी। ☕
बैठा हूं काफी पीने के बाद,
की शायद अब नींद आएगी,
इक हवा का झोंका आया,
और उसने नींद ही भुला दी।
कैसे सोऊ मै,
अब यही कशमकश है,
सिर कहता सो जा,
हो रहा मुझे कष्ट है।
अलग अलग तरीके मै अब सोच रहा,
कैसे आएगी नींद अब तू ही बता,
थकान सी लग रही मै चला सोने,
गर नींद आ जाए तो मुझे ना जगा।
सुमन्त शेखर