मेरे ख्यालों के कुछ रंग मेरे भावो की अभिव्यक्ति है। जीवन में घटित होने वाली घटनायें कभी कभी प्रेरणा स्रोत का काम कर जाती है । यही प्रेरणा शब्दों के माध्यम से प्रस्फुटित होती है जिसे मैंने कविता के रूप सजाने का प्रयास किया है । आनंद लिजिये।
दीपक हो, जलना ही पड़ेगा, अंधेरे से दो दो हाथ, करना भी पड़ेगा, डरो मत, कि घना अंधकार है, दीपक के जलते ही, अंधकार को मिटना पड़ेगा। --सुमन्त शेखर।