सोमवार, 26 मार्च 2018

दीपक

दीपक हो,
जलना ही पड़ेगा,
अंधेरे से दो दो हाथ,
करना भी पड़ेगा,
डरो मत,
कि घना अंधकार है,
दीपक के जलते ही,
अंधकार को मिटना पड़ेगा।
--सुमन्त शेखर।

शुक्रवार, 2 मार्च 2018

बरसे रे बदरिया

बरसे रे बदरिया रंग भर के,
पिचकारी से जीया भर के,
कहीं रंग उड़े और गुलाल चले,
कहीं फूलों से भी होली मने,
तन मन सब है यहाँ रंग से सने,
बच्चे भी है यहां खूब रमे,
चेहरे सब के रंगीन दिखे,
होली में सब रीझे दिखे,
प्यार मोहब्बत खूब चले,
भाईचारा का संदेश मिले,
घृणा द्वेष का भाव मिटे,
जनमन में प्रेम का रंग बसे।
--सुमन्त शेखर।

गुरुवार, 7 दिसंबर 2017

हेलमेट

पुलिसिया जाँच हेलमेट को लेकर हो रहा है। तब लोग पुलिस पर आरोप लगाते है कि पुलिस को कोई काम है। इसी विषय से प्रेरित है।

सर है जिनके लोहे के,
वो इस सब से नाराज है,
दोषारोपण करते हरदम,
पुलिस को नही कुछ काम है,
बेकारी में समय बिताने,
हेलमेट पर चक्का जाम है,
खुद सुधरोगे आप जो भईया,
भला आपका होवेगा,
सर सलामत, ना पुलिस की चिकचिक,
सौ दो सौ बच जाएगा।
--सुमन्त शेखर।

गुरुवार, 16 नवंबर 2017

लकड़ी की गाड़ी

वो लकड़ी की गाड़ी,
मिट्टी का रोड,
चलाते थे जिसे,
बचपन मे हर रोज,
ना दुपहिया, ना चौपहिया,
थी वो छोटी सी तिपहिया,
सिखाया था जिसने,
घुटनो से ऊपर उठना,
पैरो पर खड़े होकर,
सीना ताने चलना।
--सुमन्त शेखर

बुधवार, 18 अक्टूबर 2017

दीपावली की शुभकामनाएं

है दुआ यही, धनवान बनो तुम,
स्वस्थ निरोग क्षमतावान बनो तुम,
लालच तृष्णा द्वेष क्रोध अहं का,
इस जीवन मे ही त्याग करो तुम,
दया प्रेम की भाषा बनो तुम,
सदा श्रेष्ठ इंसान बनो तुम।
--सुमन्त शेखर।

दीपावली

दीपमाला सर्वत्र बिछे,
घर आंगन सब चमके,
रिद्धि सिद्धि के स्वामी की,
सब पर कृपा बरसे,
माँ लक्ष्मी की दया से कोई,
जन मानस ना छुटे।
--सुमन्त शेखर।

मंगलवार, 17 अक्टूबर 2017

एक दिया सेना के नाम।

दूर हैं अपने घरों से आज,
सरहदों पर हैं हरदम तैनात,
जल थल हो या आकाश,
नक्सल हो या आतंकवाद,
चुनोतियों से लड़ना उनका काम,
शौर्य पराक्रम का लेते हैं जाम,

तरसते अक्सर हर घंटे दिन रात,
मिल जाये अपनो का साथ,
चलो जोड़ ले अपना हाथ,
दिया दीवाली का ले लो साथ,
करें खुशियों की एक शाम,
देश के वीर सपूतों के नाम।
-सुमन्त शेखर।